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रिश्ते भी एक पहेली हैं

28 May 2020, 06:42 PM

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कभी मिले ही नहीं...

कभी मिले ही नहीं...

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न पाया कभी तुम्हारा साथ, किसी मोड़ पर
फ़िर क्यूँ दिखा, तुम ही में सहारा
न थामा कभी तुम्हारा दामन, किसी  राह पर
फिर क्यूँ लगा, छूट गया  तुम्हारा हाँथ  मेरे हाँथ  से
न सजाया कभी अपने आप को
फिर क्यूँ लगा, रंग उड़ गए मेरी जिंदगी के
कभी मिले ही नहीं
फिर क्यूँ सहा दर्द मैंने  बिछुड़ने का

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Written by: Meenu Bhati

Working as Assistant Professor, Meenu Bhati is a closet poet and finds love in everything. She writes about emotions through her poetry.

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