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प्रतीक्षा

एक बार तो मुस्कुरा दो

कहां गए वो दिन,

3 July 2020, 03:33 PM

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अन्तिम पग

अन्तिम पग

  • 9

मां आज ये,
एक अन्तिम पग है मेरा।
और ये एक नई शुरुआत है,
एक प्रहरी के रूप में मेरी।

आज मैंने शपथ ली हैं,
अपनी अन्तिम श्वास तक।
अडिग रहूंगा अपने कर्तव्य पर,
रक्त की अंतिम बूंद तक।

यूं तो तुम मेरी 
जीवनदायिनी हो।
हे! धरा तुम,
तुम मेरी जन्मभूमि हो।

ये अन्तिम पग नहीं
मेरे कर्तव्य की एक पहल हैं।
अगर तिरंगे में लिपटा आया
वहीं मेरे जीवन का गौरवशाली पल हैं।

 

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Written by: Nidhi Kala. A Lecturer in college, Nidhi is a sensitive-to-nature-and-people kind of a person and in-closet poet.

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